केदारनाथ यात्रा 2025: नया मार्ग, नई आस्था
हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को चल पड़ते हैं। 2025 में नया हेलीपैड, चौड़े पैदल मार्ग और बेहतर सुविधाएँ यात्रा को और आसान बना रही हैं। सोनप्रयाग से गोरीकुंड तक की यात्रा अब अधिक सुगम और सुरक्षित है।
रास्ते में पड़ने वाले भैरवनाथ मंदिर, गुप्तकाशी और त्रियुगीनारायण की पवित्रता आत्मा को शुद्ध करती है। केदारनाथ मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और चारों ओर बसी बर्फीली चोटियाँ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक ले जाती हैं।
यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आत्म-खोज की यात्रा है। पहाड़ों की कठिन चढ़ाई धैर्य सिखाती है, तो मंदिर की घंटियाँ शांति का संदेश देती हैं। 2025 में केदारनाथ यात्रा करें और जीवन को नया अर्थ दें।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!